Tuesday, May 8, 2018

Neutron

             न्यूट्रॉन 


सन  1920 में रदरफोर्ड  ने  यह प्रस्ताव  रखा  की एक इलेक्ट्रान और प्रोटॉन   संयुक्त होकर  एक  ु  उदासीन  कण  बना सकते है  इस कण   न्यूट्रॉन रखा गया  


खोज 

 बेरिलियम  से 𝛂-कण  टकराते ही अत्यधिक  बेधी  किरणे उतसर्जित  होती है  इस बात का पता तब चला जब सन  1930  में बोथे  और बेकर  ने   प्रयोग किया  था 

सन  1923  में मैडम  क्यूरी  और उनके पति जूलियट  क्यूरी ने प्रयोग को करते समय  इन  किरणों के  रास्ते  में कोई  हयड्रोजनीय  पदार्थ   जैसे पैराफिन मोम  रख  दिया  उन्होंने  देखा की किरणे  मोम  पर  पड़ते  ही बहुत  तीव्र  वेधी  किरणे  उत्प्न्न  कर देती है और पैराफिन से प्रोटोन निकलते है जब ें किरणों  की ऊर्जा  मापी गयी तो पता चला की इनकी ऊर्जा में  और 𝝲-किरणों ऊर्जा में काफी अंतर है 


 सन  1932  में इंग्लैंड  के वैज्ञानिक   चैडविक   ने उपरोक्त  कठिनाई को दूर कर दिया  उन्होंने बताया  की जब बेरिलियम  पर 𝜶 -कण  की  वर्ष  करायी  जाती है  तो इस प्रकार  के कण निकलते है जिनका 
द्रव्यमान  प्रोटॉन  के द्रवमान के बराबर  होता है  और वे उदासीन  होते है  जिन्हे  न्यूट्रॉन कहते है 







            ₄Be⁹ + ₂He⁴ ₆C¹² + ₀n¹

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