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Sunday, May 13, 2018











इन  पदार्थो  की खोज  वैज्ञानिक   बेकरल ने जनवरी  सन  1896 में की जब वे Phosphorescence  और उनके द्वारा उत्पादित किरणों के अपारदर्शी पदार्थ से ढंकी हुई  फोटोग्राफी ोलते पर प्रभाव का अध्यन  का रहे थे तो उन्होंने देखहा की जब ुरेनियम के लवण   salt  को काले  अपारदर्शी  कागज से ढंकी फोटोग्राफी प्लेट के समीप रखा जाता है  तो प्लेट पर काले  धब्बे आ जाते है  प्लेट और यूरेनियम के बीच   धातु के पलको रखने पर भी फोटोग्राफी  प्लेट पर पूर्ववत  काले २ धब्बे पाये  गए  इन  प्रयोगो  से वे  इस  परिणाम  पर पहुंचे की यूरेनियम  लवण  salt  से एक प्रकार की अज्ञात किरेन स्व्यं  नहीं उत्सृजित  होती है जिनमे अपारदर्शी  वस्तुऐ  में प्रवेश  करने की छमता  तथा फोटोग्राफिक प्लेट को प्रभावित  करने का गुण  होता है  इन अज्ञात किरणों को रेडियो  एक्टिव किरणे कहते है  जिस पदार्थ  से  उतपन्न होती है उसे रेडियो एक्टिव पदार्थ कहते है


रेडियो एक्टिव किरणों के प्रकार 

 लार्ड रदरफोर्ड ने अपने प्रयोगो द्वारा  यह परिणाम निकला की रेडियो एक्टिव किरणे तीन प्रकार की होती है 

𝛂-किरणे  𝛃--किरणे  𝛄-किरणे 

 प्रयोग में ज्ञात हुआ की पर्त्येक  पदार्थ में ये तीनो किरणे होना  जरूरी नहीं 

𝛂-किरणों की गुण :

1.ये किरणे ज़िंक  सल्फाइड  बेरियम प्लेटीनो  साइनाइड  आदि  पदार्थो में Flurenescence  उत्प्न  करती है 
2.फोटोग्राफी प्लेट इनसे प्रभावित होती है 
3. ये किरणे शरीर की मास्पेसीओ  को जाला  देती है 
4.रोकने पर ये किरणे उष्मीय  प्रभाव प्रदिर्शित करती है 
5. विद्युतीय  तथा चुंबकीय   एरिया  में इनके कम  विछेप  होने से    ये भारी  कणो  से मिलकर बानी होती है जिनका जड़त्व अधिक  होता है 
6. इन किरणों का प्रारम्भिक वेग रेडियो एक्टिव     साथ  परिवर्तित होता है 

𝛃--किरणेो  के गुण 

1. इनकी आयनीकरण   capcity  𝛂-किरणों  से 100 गुनी कम होती है 

2. पदार्थ  में से  गुजरने पर किरणे शीघ्र  प्रकीर्ण  हो जाती है 

3.  फोटोग्राफिक  प्लेट पर इनका प्रभाव 𝛂-कणो  से अधिक होता है 

4.  क्लैसियम  टंग्स्ट , बेरियम पलटेनोसायनाइड  अदि  पदार्थ  से प्रतिदीप्ति   उत्प्न   करती है 

5. इन  कणो  द्वारा  सामान्य ताप  और दाब  पर वायु  में चली हुई  दुरी की परास  𝛂- कणो  से अधिक होती है 

6. इनकी बेघन  छमता  𝛂- किरणों  100  गुनी अधिक तथा 𝛄-किरणे  से 100  गुनी कम होती है 


𝛄-किरणेो   के  गुण 


1.  चुंबकीय  तथा  विद्युतीय  एरिया  में ये किरणे  पथ  से विचलित नहीं होती है 

2.  इनका वेग प्रकाश के वेग  के  बराबर  होता है 

3.   ये किरणे  x किरणों की तरह   क्रिस्टल  की भाँति  विवर्तित हो जाती है 

4.  इन किरणों की आयनीकरण capcity  𝛂 और  𝛃 से न्यून  होती है 

5.  ये किरणे  Phosphorescence  भी होती है 

6.  किरणे फोटोग्रफिक  प्लेटो की प्रभावित कर देती है 




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